Home इंटरनेशनल न्यूज टोयोटा, होंडा और निसान ने स्वचालित कार की तकनीक का प्रदर्शन किया

टोयोटा, होंडा और निसान ने स्वचालित कार की तकनीक का प्रदर्शन किया

by कार डेस्क

हाल ही में जापान में हुई जी-7 समिट में जापानी निर्माताओं टोयोटा, निसान और होंडा ने विश्व के शीर्ष नेताओं के सामने बिना चालक के गाड़ी ड्राइविंग का प्रदर्शन किया|

हाल ही में जापान में हुई जी-7 समिट में जापानी निर्माताओं टोयोटा, निसान और होंडा ने विश्व के शीर्ष नेताओं के  सामने बिना चालक के गाड़ी ड्राइविंग का प्रदर्शन किया|

दुनिया के न.1 कार निर्माता टोयोटा ने  स्वसंचालित ड्राइविंग सिस्टम से चलने वाले प्रोटोटाइप वाहनों में, बड़े नेताओं को सवारी का अवसर दिया | इस सिस्टम को टोयोटा ने स्वसंचालित ड्राइविंग की जाँच के लिए विकसित किया है |

यह सिस्टम कंपनी के निर्माणों में, स्वसंचालित तकनीकि के हाईवे टीममेट के बाद दूसरा है, जो कि सफलता पूर्वक जाँच किया गया है और हाईवे पर स्वतन्त्रता पूर्वक, बिना किसी मानव हस्तक्षेप के, वाहन चलाने में सक्षम है|

शहरी यातायात लिए विकसित “अर्बन टीममेट” सड़क पर, वाहन के अन्दर और बाहर की अड्चनो जैसे साइकिल, लोग, या अन्य किसी बाधा को पहचानने के लिए बना है | टोयोटा इसे कैमरे और जीपीएस की मदद से सड़क के ट्रैफिक सिग्नल और ऑनलाइन नक़्शे और विजुअल डाटा से इकठ्ठा की जानकारी की सहायता से और विकसित कर रही है | इस सिस्टम में एक “लिडर” मॉड्यूल है, जो ज्यादा रेजोल्यूशन वाली लेजर रडार तकनीक की सहायता से मॅपिंग और कार के आसपास की जगह को पहचानने में मदद करती है|

टोयोटा आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस की मदद से अपने स्वचालित सिस्टम को लगातार विकसित करता रहेगा और कम्पनी का लक्ष्य इन तकनीकियों के द्वारा अपने ग्राहकों को भविष्य में अधिक सुरक्षा, क्षमता और स्वतंत्रता प्रदान करना  है|

दूसरी ओर निसान ने “प्रोपायलट” तकनीकि का प्रदर्शन किया और पूरी तरह इलेक्ट्रिक “निसान लीफ” पर एक शानदार अनुभव अपने अतिथियों को दिया | प्रोपायलट तकनीकि हाई-स्पेक लेज़र रडार की मदद से गाड़ी और पास की जगह की दूरी का 3 डी माप से नाप लेता है | इसमें चौराहों और तेज़ घुमावदार सड़को पर सही निर्णय लेने के लिए 8-तरह वाला 360 डिग्री कैमरा है | वाहन में कई लेज़र स्कैनर, वेव रडार, और एक मानव मशीन इंटरफ़ेस है जो स्वसंचालित ड्राइव की सहायता करने के लिए लगाया गया है |

कंपनी ने जापान और अमरीका के शहरों की सड़को और हाईवे पर तकनीकि का जांच किया है और ज्यादा ड्राइविंग क्षमता सिस्टम में डालने के लिए विकास कार्य अभी चल रहा है|

होंडा मोटर कंपनी ने क्लेरिटी फ्यूल सेल ऑटोमेटेड ड्राइव का प्रदर्शन किया, जो कि हाई टेक जीपीएस और रडार मॉड्युल की मदद से स्वसंचालित ड्राइविंग सिस्टम है |

स्वचालित कार के क्षेत्र में हो रहें तेज़ विकास को देखते हुए लगता है की यह तकनीक 2020 तक ही आ सकती है | तकनीकि के दिग्गज जैसे गूगल,अबर, और टेस्ला ने काफी मात्रा में काम किया है और अधिकारियो पर भविष्य में स्वचालित वाहनों के उपयोग के लिए नियम बनाने के लिए दबाव भी डाल रहें है |

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