Home रोचक तथ्य जानिए होंडा सिटी के अब तक के सफर के बारे में

जानिए होंडा सिटी के अब तक के सफर के बारे में

by कार डेस्क
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परिचय

भारत में 1997 के अंत में होंडा ने सिटी को लॉन्च किया था। होंडा ने अपने फ्लैगशिप, एकॉर्ड के साथ भारत के लिए आदर्श कार लाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। थाईलैंड के लिए अपनी पहली बाजार-विशिष्ट कार, होंडा सिटी टाइप ज़ेड के निर्माण करने के तीन साल से कम समय के बाद इसे भारत में लॉन्च किया गया था। 20 साल बाद 2017 में हमें खुशी है कि होंडा ने दो बार नहीं सोचा और 1997 के अंत में देश में पहली सिटी कार लाई। उस समय के लिए, यह एक लक्जरी कार थी।

टाइप 1 ओएचसी

पहली पीढ़ी की होंडा सिटी को भारत में ओएचसी या टाइप 1 के रूप में जानी जाती है। अपनी लो-स्लंग स्टेंस और तीन बॉक्स सेडान लुक के साथ, इसके लोगों को आकर्षित किया। पावर स्टीयरिंग, सभी चार पावर विंडो, एसी, रियर आर्मरेस्ट और रिडिंग लाइट की सुविधाओं के साथ होंडा सिटी, अच्छी विकल्प कार थी।

सिटी 1.3 लीटर और 1.5 लीटर हाइपर 16 पेट्रोल इंजन के साथ शुरू हुई थी। लेकिन वर्ष 2000 में यह देश में पहले वीटीईसी के साथ लॉन्च हुई थी। 106 बीएचपी वेरियब्ल वाल्व टाइमिंग इंजन, अपनी पुन: खुश प्रकृति, क्रिस्प हैंडलिंग और पावर की अधिकता के साथ, यह अंततः कल्ट कार बन गई थी और देश में हर प्रकार के मोटरस्पोर्ट में भाग लेने लगी।

टाइप 2 ‘डॉल्फिन

दिसंबर 2003 में होंडा ने पूरी तरह से नई होंडा सिटी को पेश किया, जिसे जल्द ही डॉल्फिन उपनाम मिला। यह टाइप 1 के बिल्कुल विपरीत थी। यह लम्बी और नरम थी। इसके आंतरिक हिस्से में ज्यादा जगह थी और यह नई आई-डीएसआई पेट्रोल इंजन के साथ आई थी। नए डुअल स्पार्क इंजन, आर्थिक और परिष्कृत था, जो की होंडा इंजन की पहचान है, लेकिन सिर्फ 77 बीएचपी की उत्पादन के साथ, इसमें ओएचसी के स्टिंग की कमी थी।

इसकी ऊँचाई, स्पेस और सोफ़्ट सस्पेंशन ने इसे परिवार के लिए एकदम उत्तम कार बनायी, जिसे हर कोई पसंद करता था, लेकिन उत्साही लोगों के लिए, इसने अपना मोजो – हैंडलिंग खो दिया था। इसके बाद जल्द ही जेडएक्स बैज के साथ होंडा सिटी, दिग्गज 1.5-लीटर वीटीईसी के साथ आई।

इसमें स्पष्ट लेंस हेडलाइट, बेहतर टेल लैंप क्लस्टर था और 2007 में, यह 10 वीं वर्षगांठ के अपडेट के हिस्से के रूप में एबीएस के साथ आई। सिटी ज़ेडएक्स की टाइप1 के मुकाबले अधिक इकाइयां बिकी, और अधिकांश खरीदारों ने इसके आरामदायक और आर्थिक तरीकों को पसंद किया।

एरो शॉट टाइप 3

2008 में नई होंडा सिटी आई थी और इस बार फिर से, यह परिवर्तन विलक्षण था। एरो-शॉट स्टाइल, एक त्वरित हिट था। लेकिन आकर्षण का असली कारण नया 1.5-लीटर आई-वीटीईसी था, जो कि 117 बीएचपी की पावर का उत्पादन करता था और होंडा ने अपना रुतबा वापस पा लिया था।

होंडा सिटी, एक बार फिर से उभरते हुए भारतीय मध्यवर्गीय के लिए प्रतिष्टा का प्रतीक बन गई, जिसने आईटी क्षेत्र और समग्र अर्थव्यवस्था में अपने बिक्री में वृद्धि हासिल की। इसके अलावा, यह पहली सिटी थी, जिसमें सभी गैर जरूरी खूबियों के साथ सनरूफ पेश किया गया था। यह ऑटोमेटिक में मानक के रूप में पैडल शिफ्टर्स प्राप्त करने वाली पहली सी-सेगमेंट सेडान भी थी, कुछ ऐसा जो की उस समय बीएमडब्ल्यू और ऑडी भी पेश नहीं करते थे।

2011 में होंडा ने नए मार्केट ट्रेंड के अनुसार सिटी में मिडलाइफ़ अपडेट किया था। डीजल में छुट के साथ, ईंधन की कीमतों में असमानता से पेट्रोल होंडा सिटी की ब्रिकी पर प्रभाव पड़ा। लेकिन फिर, ब्रांड सिटी स्थिर हुई और देश में लंबे समय तक सबसे ज्यादा बिकनी वाली पेट्रोल सेडान रही।

चौथी पीढ़ी

अब तक, होंडा को डीजल मिल के महत्व का एहसास हो चुका था और उन्होंने 1.5 लीटर 100 बीएचपी अर्थ ड्रीम्स डीजल इंजन विकसित किया। चौथी पीढ़ी की सिटी, 2014 में 1.5 लीटर आई-वीटीईसी और नए 1.5-लीटर आई-डीटीईसी इंजन के साथ लॉन्च की गई थी। इसके अलावा, सिटी में पीछे की तरफ ज्यादा जगह और अधिक ग्राउंड क्लीयरेंस के लिए वृद्धि की जाएगी। इस परिवर्तनों के कारव इसने कई ग्राहकों को आकर्शित किया है।

2017 में होंडा सिटी का मिड लाइफ अपडेट हो चुका है। इसमें अब पहले से कहीं अधिक सुविधाएँ मौजूद हैं और अभी भी किसी भी सी-सेगमेंट सेडान के लिए बेंचमार्क है, जो की भारत में / के लिए बनाई गई है। होंडा सिटी की पांचवीं पीढ़ी, 2020 में आ सकती है, जिसका अर्थ है कि भारत और जापान में इंजीनियरों ने पहले ही इस पर काम करना शुरू कर दिया होगा।

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