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फ़ॉक्सवैगन, जून 2016 तक भारत में अपने डीजल कारों को वापस बुलाएगी

by कार डेस्क
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फ़ॉक्सवैगन इंडिया इस साल के मई-जून माह तक भारत में अपनी डीजल कारों की वापसी करवाएगी। यह वापसी, डीजल उत्सर्जन घोटाले के वजह से, कारों में एक “साधारण सॉफ्टवेयर अपडेट” के लिए कराई जाएगी। उन कारों की वापसी होगी जिनका निर्माण ईए 189 डीजल इंजन के साथ, 2008 से नवंबर 2015 तक में किया गया है।

कंपनी ने दिसंबर 2015 में कहा था कि वह जल्द ही वाहनों की वापसी करवाने की घोषणा करेगी।  कंपनी ने कहा था कि उल्लिखित अवधि के बीच, फ़ॉक्सवैगन की लगभग 1,98,500 कारें, स्कोडा की 88,700 कारें और ऑडी की 36,500 कारें भारत में विभिन्न मॉडलों के रूप में बेची गई थी जो ईए 189 इंजनों द्वारा संचालित थी और उसमें 1.2 लीटर, 1.5 लीटर, 1.6 लीटर, और 2.0 लीटर की डीजल इंजन शामिल थी।

मेयर ने कहा, अधिकत्तर कारों को केवल साधारण ‘सॉफ्टवेयर अपडेट’ के लिए लाया जा रहा है, और उनमें से एक कार में प्लास्टिक की छोटी ट्यूब लगाई जाएगी जिसे इंजन के एयर इनटेक में लगाया जाएगा।

पहले फ़ॉक्सवैगन ने कहा था, “2.0 लीटर की इंजनो में सॉफ्टवेयर अपडेट किया जाएगा। 1.5 लीटर और 1.6 लीटर की इंजनों में सेंसर के सामने ‘फ्लो ट्रांसफॉर्मर’ को फिट किया जाएगा। इसके अलावा, इन सभी इंजनों में भी सॉफ्टेयर अपडेट किया जाएगा। 1.2 लीटर की इंजन के लिए उपायों की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी।

मेयर ने कहा, “मैं यह कहना चाहता हूँ, अगर आपके पास स्मार्टफोन है तो कोई इंसान अपको इसका सॉफ्टवेयर अपडेट करने की सुझाव देगा। ठीक वैसे ही कारों में सॉफ्टवेयर अपडेट के दौरान हम इंजन मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के एक हिस्से में थोड़ा बदलाव करेंगे, बस और कुछ नहीं। उन्होंने कहा, फॉक्सवैगन इंडिया को अधिकारियों ने मंजूरी दे दी है। यह ‘क्लीयरेंस’ (मंजूरी) हमारे द्वारा किए गए गहन माप पर आधारित था जो एआरएआइ द्वारा प्रमाणित है।

अक्टूबर माह में एआरएआइ ने कहा था, वह फ़ॉक्सवैगन के कारों की उत्सर्जन को चेक करने के लिए सड़क-परीक्षण का आयोजन करेगी और उसके बाद आधारित रिपोर्ट को जमा करेगी। 3 दिसंबर को कंपनी ने अपने अन्य संवाद में कहा, उन्होंने सरकार और एआरएआइ को सूचित किया था कि भारत के लिए उनके कारों में ‘डिफिट डिवाइस’ नहीं थी, डीजल कारों में उपस्थित चीटींग डिवाइस के बारे में यूरोप और अमरीका में पता चला जो कड़े उत्सर्जन मानकों का उल्लंघन करने में मदद कर रही थी।

एआरएआइ की निगरानी में फ़ॉक्सवैगन ग्रुप इंडिया द्वारा किये गये मूल्यांकन के निष्कर्ष से पता चला कि फ़ॉक्सवैगन, स्कोडा और ऑडी भारत स्टेज के अंतर्गत उत्सर्जन मानकों का उल्लंघन नहीं कर रहे थे।

फिर कारों की वापसी क्यों ?

हालांकि, भारतीय अधिकारियों से क्लीयरेंस (मंजूरी) मिलने के बावजूद फ़ॉक्सवैगन इंडिया वाहनों की वापसी कर रही है। इस पर मेयर ने कहा, “यह वापसी लोगों के भरोसे को वापस से प्राप्त करने के लिए की जाएगी।“ मेयर ने आगे कहा, मुझे लगता है हमारे पास जब सभी सॉफ्टवेयर उपलब्ध हो जाएंगे और वे सब भारतीय अधिकारियों और खासकर एआरएआइ द्वारा प्रमाणित हो जाएंगे तब हम मई-जून के मध्य से प्रत्येक ग्राहकों से व्यक्तिगत तौर पर सम्पर्क करने की शुरूआत कर देंगे।

कारों के वापसी के लिए तैयारी

कार निर्माता ने कहा है कि वाहनों की वापसी के लिए वह अपने नेटवर्क को तैयार कर रहे है। कंपनी ने कहा, “हम इसे ग्राहकों के लिए आसान बनाना चाहते है और इसके लिए हम कार्यशालाओं में अतिरिक्त क्षमताओं को जुटाने के साथ कार्य अवधि को भी कुछ घंटों द्वारा बढाएंगे। ग्राहकों को जरूरत के तौर पर सहायक मोबिलिटी भी प्रदान की जाएगी।

यह हमारे लिए ग्राहकों से फिर से जुड़ने और उनकी सावधानी के लिए अपना दायित्व निभाने का एक बड़ा अवसर है।

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